Saturday, June 23, 2007

सोचिए, निर्णय लीजीए, वही कीजीए जो आपके विचार से सही है

2 comments:

रवि रतलामी said...

कुछ ज्यादा विस्तार से समझाएं तो बात बने...:)

kutumsar said...

कुछ न करने के खिलाड़ी कहलाने से अच्छा है कुछ करते हुए अनाड़ी कहलाना